हिजो पशुपति क्षेत्रको साइबर यात्राको प्रथम भाग प्रस्तुत गरेको थिएँ। आज थप केही फोटोहरु सहित दोस्रो तथा अन्तिम भाग-

दायाँबायाँ कुनै मान्छे र देउता पनि देखिन्न, यो मान्छेले किन यसरी छड्के नमस्ते गरेको होला, थाहा छ तपाईँलाई ?
बाग्मति नदी तरेर गुह्येश्वरीतर्फ जाने बाटोमा यस्तो एउटा ठाउँ रहेको छ। आँखा चिम्लेर नमस्ते गरी केही टाढाबाट हिँड्दै आउने, त्यसरी आउँदा तपाईँको हात यो दुलोभित्र छिर्यो भने तपाईँले मागेको कुरा पूरा हुन्छ रे।

केही समयअघिसम्म यो दुलो सार्है सानो हुन्थ्यो। अहिले भने कसले हो, यति ठूलो बनाइसकेछ।

यो मान्छेको इच्छा पूरा होला त ? तपाईँलाई के लाग्छ ? अहिले हेर्दा त दुलोभित्र छिर्ला जस्तो छ।

तर अहँ, यसको हात भित्तामा गएर ठोकियो।
यो रमाइलो स्थानको जानकारीपछि अब पशुपति क्षेत्र वरपरका थप केही दृश्य पनि हेरौँ है।

पशुपतिको यो ठाउँ निकै रमाइलो लाग्ने ठाउँ हो। कति मजाले बनाइएको छ हगि !

हराभरा त देखिन्छ, तर लेउ लागेर हो है।

यो प्रकृति संरक्षण कोषको नाम परिवर्तन भइसक्यो, तर साइनबोर्डमा भने अझै त्यही नाम नै रहेको छ।

पहिले यो मृगस्थली वन नाम मात्रको मृगस्थली थियो। मृग पाइन्न थियो। यही कोषको सहयोगमा यहाँको वनमा मृग छाडिएको हो।

जीवनै पशुपतिलाई अर्पण गरी जोगी बनिबसेकाहरु।

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lock ta garnai peryeo ni netra kure hurh le chore halchha ni hoina ra?yo vanda agadi pani ta hat marekai ho ahele hat marna payeko chhina tes karan natak gare ko chha>>>>
मन परे हरियो, नपरे रातो
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Jai pasupati naath subuddi huneko kalyan gara ra kubuddi huneko naas gara.
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awesome pics lol ☺
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हाम्रो देश नेपाल किन पछि परेछ भनेको त केही ब्याक्तिले नेपाल लाई हिंदू अधिराज्य बनाऊ न खोजेर पो रहेछ ! की कसो हाउ साथी हो ?
याम बोमजन लामा
साउदी अरब दमाम
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श्री पशुपतिनाथले हामी सबैको कल्याण गरुन् ।
जय देश जय नरेश
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JAI PASHUPATINATH NEPALIHAURKO BUDI KAHILE AULAN BAYAKO RA BABAYAKO BIGARNA BAHEKO KE NAI AUCHHA RA 12 BARSHA DEKHI BIGARNE RA BATKAUNE KAM TA BAYAKO CHHANI HOINA RA. KUNDIN PASHUPATIBATHLAI PANI BHATKAUNA BER CHAINA HO SATHIHARU.
LA TA BICHAR GARNU JAI PASHUPATINATH
PREMPUJA@HOTMAIL.COM
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SARAI NARAMO KAM BAYACHHA PURKHAHARULE BANAYAKO KALA LAI YASARI BIGARNE KE ? RAMRO KAM HOLATA ? YASARI BIGARNE BATKAUNE KAM BANDA MARMATA TIRA LAGAUNA HO YUBA FRIEND HO.
PREMKLAMA@YAHOO.COM, DRPREMKLAMA@YAHOO.COM
DOHA QATAR
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SARAI NARAMO KAM BAYACHHA PURKHAHARULE BANAYAKO KALA LAI YASARI BIGARNE KE ? RAMRO KAM HOLATA ? YASARI BIGARNE BATKAUNE KAM BANDA MARMATA TIRA LAGAUNA HO YUBA FRIEND HO.
PREMKLAMA@YAHOO.COM, DRPREMKLAMA@YAHOO.COM
DOHA QATAR
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thanks…yehi basera pashupati ko darshan garna paiyo…jaya sambhu
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दुलो तिर हात हाल्न खोज्ने उमेश जि त हैन?
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कतार को साथीको comments पढे पछी मलाई पनि केही थप्न मन्लागेर आयो।
तपाईंले भने झै नेपाल मा “Lata देशका gada तन्देरी” हरु नै छन।
नत्र त संसार भरी नै नेपाल ४ जात ३६ बर्नको साझा फुल्बारी हो भनेर सबै लाई ज्ञान भएको कुरा होनी अनी
तेसो हो भने नेपाल कसरी एक मात्र हिन्दू राष्ट्र भयो त ?
फासी त तेस्लाई दिनु पर्छ जस्ले अन्य जाती लाई पेली राखेको छ खाली खोक्रो aadambamaa.
अब पनि नेपाल लाई संसार को एक मात्र हिन्दू देश भन छोडिएन भने धर्म war हुने छ .
बरु मित्र यसरी को हिन्दू को किरात को budhist को मुस्लिम भन्दा पनि हामी सारा एक र हाम्रो प्यारो देश नेपाल बहु भाषा बहु सस्क्रिती को धनी देश भनु भो भने उचित हुने छ.
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jai pashupatinath sabai kubuddhi bhayeka harulai subuddhi pradan garai dinu
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jay sambho…kailashpati…
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हे पशुपती यि सबैको रक्षा गरे गर नगरे तिम्रै जिम्मा !!!!
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sagun ji
tyo mulaa dhognu matra kun thulo kuro bho ra bhagawan krishnako 1600 gopini thiyen re……!
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जय शम्भो !!!
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vastavik nepal ma 3 % muslim, 90% hindu 5% buddha (buddhist)ra 2 % anya chhan
tesaile hindu ko birodh garnu bhaneko aru 5 % ko bijog hunu nai ho jaba bahun ko tesro netra jagchha taba chhote mote haru ko k hola ? tesai le nepali haru sadbhav rakhna sika hoina bhane thik hunechhaina
jasto malai lagchha
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vastavik nepal ma 3 % muslim, 90% hindu 5% buddha (buddhist)ra 2 % anya chhan
tesaile hindu ko birodh garnu bhaneko aru 5 % ko bijog hunu nai ho jaba bahun ko tesro netra jagchha taba chhote mote haru ko k hola ? tesai le nepali haru sadbhav rakhna sika hoina bhane thik hunechhaina
jasto malai lagchha
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ab hindi dushara official language ban ra ha he…
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नेपाल में सत्ता परिवर्तन किसी देश में राजतंत्र से लोकतंत्र में हुआ रूपांतरण मात्र नहीं है। प्रचंड का प्रधानमंत्री बनना संपूर्ण दक्षिण एशिया क्षेत्र, जिसे भारतीय उपमहाद्वीप भी कहा जाता है, में हिंदुओं के लगातार कमजोर होते जाने का प्रतीक है। प्रचंड जिस माओवादी संगठन के प्रमुख है उसकी सैन्य गुरिल्ला इकाई को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी कहा जाता है। प्रचंड चीन की सेना की तर्ज पर बनी इस अराजक और आतंकी गुरिल्ला फौज के कमांडर इन-चीफ रहे है। नेपाल में 12 साल से चल रहे माओवादी आतंकवाद में 15 हजार से अधिक नेपाली नागरिक मारे गए। माओवादी क्रांति के दौरान केवल मंदिरों, संस्कृत पाठशालाओं, हिंदू प्रतीकों और परंपराओं को निशाना बनाया गया। इस आड़ में नेपाल में तीव्रता से ईसाई मतांतरण बढ़ा और भारत विरोधी तत्वों की गतिविधियां भी तेज हुईं। यह विडंबना ही है कि जन्म से मृत्यु तक की अपनी प्रार्थनाओं में जो हिंदू सर्व मंगल और कल्याण की कामना करता है और जिसके स्वभाव और व्यवहार का अनिवार्य हिस्सा सर्वपंथ समभाव है उसी हिंदू को नेपाल में अपनी पहचान के प्रति हीनभाव से ग्रस्त करने का प्रयास हुआ यानी हिंदूपन का आग्रह आधुनिकता एवं मानवता विरोधी बताया गया, जबकि ईसाई और इस्लाम समाज जितना अपनी पहचान और आस्था के कर्मकांड का आग्रही हुआ उतना ही उसे पंथनिरपेक्ष और सम्मान का पात्र माना गया। नेपाल में राजशाही के अंत का किसी को दु:ख नहीं हुआ। राजशाही ही वर्तमान दुर्दशा के लिए जिम्मेदार है। जो नेपाल पशुपतिनाथ से पहचाना जाता है वह अब बिशप हाउस को महत्व दे रहा है। यह कम्युनिस्ट पंथनिरपेक्षता की विशिष्टता है। देखा जाए तो दुनिया के अनेक देशों में पंथ-आधारित राजतंत्र एवं लोकतंत्र का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। इनमें चर्च पर निष्ठा रखने वाला ब्रिटेन, बेल्जियम व बौद्ध जापान, म्यांमार आदि हैं, जबकि माओवादियों ने नेपाल की हिंदू राष्ट्र की पहचान समाप्त करने पर इस तरह जोर दिया मानो हिंदू निष्ठा और लोकतंत्र में विरोधाभास हो।
हिंदुओं के प्रभुत्व और शक्ति मे क्षरण पूरे दक्षिण एशिया में दिखाई देता है। जिस पूर्वी पाकिस्तान का बांग्लादेश के रूप में नवोदय हुआ वहां विभाजन के समय हिंदुओं की संख्या तीस प्रतिशत थी। यह अब घट कर दस प्रतिशत रह गई है। भारतीय जवानों और जनता के रक्त व धन से बांग्लादेश का जन्म हुआ, लेकिन 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा तोड़े गए ढाका के प्रसिद्ध रमना काली मंदिर का शेख मुजीब ने भी नव-निर्माण नहीं होने दिया। उस प्रसिद्ध मंदिर के पुनरुद्धार का हिंदू आंदोलन अभी तक चल रहा है। बांग्लादेश में हिंदू स्त्रियों व शेष समाज पर जुल्म की दास्तान लिखने वाली तस्लीमा नसरीन को हिंदू बहुल भारत में ही तिरस्कृत होकर भटकना पड़ रहा है। आज तक बांग्लादेश में कोई भी हिंदू कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया। मैं छह बार पाकिस्तान गया हूं। वहां बचे-खुचे मंदिरों के हिंदू पुजारी अर्द्ध चंद्राकार टोपी पहनते है ताकि बाहर हिंदू के रूप में पहचाने न जाएं। हिंदू स्त्रियां बिंदी तक नहीं लगातीं। होली-दीवाली जैसे पर्व बंद अहातों में मनाए जाते हैं। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के अनुसार 1947 में पाकिस्तान में 24 प्रतिशत हिंदू थे, जो घटकर 1.6 प्रतिशत रह गए है। श्रीलंका में हिंदुओं की संख्या 15 प्रतिशत है। एक समय था जब बामियान से बोरबोडूर तक हिंदू संस्कृति की बहुलतावादी गौरव पताका फहराया करती थी। विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर अंकोरवाट कंबोडिया में है। गांधार से लेकर पूर्वी एशिया के लाओ देश तक का क्षेत्र स्वर्ण भूमि या हिंदेशिया कहलाता था। आज भी बैंकाक हवाई अड्डे का नाम संस्कृत में है जिसका अर्थ स्वर्णभूमि है। यहां प्रवेश करते ही आकर्षक ‘सागर मंथन’ की शिल्पाकृति के दर्शन होते है, लेकिन भारत में पंथनिरपेक्ष विचारधारा के हिंदू द्वेषी चरित्र के कारण पड़ोसी देशों में हिंदुओं की रक्षा या हिंदू समाज के प्रति समभाव का विचार पनप नहीं सका।
म्यांमार अपनी हिंदू बौद्ध परंपरा के कारण हिंदू-द्वेषी नहीं बना, परंतु जहां कट्टरवादी वहाबी इस्लाम और कम्युनिज्म हावी हुए वहां हिंदू-हनन का चक्र अबाधित चला। इसके लिए स्वयं आत्मविस्मृत, वोट बैंक केंद्रित हिंदू नेता ही जिम्मेदार है। उनकी राजनीति का मूलाधार है-’वोट बढ़े, भले ही हिंदू घटें’। उनके लिए हिंदू होने का अर्थ है व्यक्तिगत लाभ के लिए अंगूठियां पहनना, हवन, यज्ञ कराकर टिकट मिलने या मंत्रिपद पाने का मार्ग निष्कंटक बनाना यानी भगवान से अपने फायदे के लिए कुछ लेना और बदले में कोई मंदिर या अन्य धर्मस्थल बनवा देना। इस लेन-देन में समाज और राष्ट्र गायब ही रहता है। ये वही हिंदू नेता है जो अंग्रेजों के चाटुकार राय बहादुर या दारोगा बने, पर साथ ही पूजा-पाठ भी जारी रखा। स्वामी दयानंद, विवेकानंद और डा. हेडगेवार जैसे समाज सुधारकों ने इसी मानसिकता पर प्रहार करते हुए समाज के संगठन एवं प्रबोधन का काम किया था, पर वह कार्य कितना अधूरा है, यह जम्मू में तिरंगे के लिए चल रहे संघर्ष से ही जाहिर है। जब भारत में ही लाखों की संख्या में हिंदुओं को शरणार्थी बना दिया जाए और जब अलगाववादी, भारतद्रोही लाल चौक पर तिरंगा सहन न कर सकें और न ही जमीन का एक टुकड़ा हिंदू तीर्थयात्रियों को देने दें तब यह आशा कैसे की जा सकती है कि भारत पड़ोसी देशों में हिंदुओं की रक्षा कर पाएगा? यह स्थिति हिंदू समाज में संगठन एवं धर्म के लिए एकजुटता की कमी भी दिखाती है। दुनिया के धन-कुबेरों में हिंदू है, विश्व-प्रवासी संत और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुख पदों पर अनेक हिंदू है, पर कभी भी, कहीं भी वे इस भारतीय उपमहाद्वीप अर्थात दक्षिण एशिया में हिंदुओं के जनसांख्यिक एवं राजनीतिक क्षरण पर चिंतित नहीं दिखते। नेपाल ही वह अंतिम कोना था जहां हिंदुओं को अपनी पहचान के जगमगाते दीपक का आभास होता था। वहां लोकतंत्र का अभिनंदन करते हुए भी माओवादी आग्रह हिंदू समाज के लिए आश्वस्ति नहीं जगाते।
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पहिला पूर्व राजा ज्ञानेन्द्रले पो पशुपतिले हामी सबैलाई कल्याण गरुन भनेर दुलोमा हात छिर्थ्यो अहिले कसैले भन्दैना अनी कता बाट छिर्थ्यो नि ?
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umes ji
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उमेश जी ,
आज विश्व फोटोग्राफी दिवस पनि हो रे नि त हैन ? तस्विरहरुकै ब्लगले स्थान पाएछ रमाईलो लाग्यो । अनि यत्रो हामीलाई तस्विरहरु देखाउनुहुन्छ विश्व फोटोग्राफी दिवसको उपलक्षमा भनेर चैं खै त भन्नु भएको ?
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कती सम्म अन्ध बिश्बास को यो पराकास्टा ?
यती भर्खर को उमेर का युबा-युबती पनि यस्तरी अन्ध बिश्बास मा लि न हुने !
सस्क्रिती लाई सम्मान गर्नु यकातर्फ को कुरा हो , तर यसरी प्बाल मा हात छिराउदैमा मन ले मागेको इछ्या पुरा हुन्छ भनेर अत्यन्तै अन्ध बिस्बासी हुनु अर्को तर्फ को कुरा हो अर्थात अझै पनि मध्य युग को धुबा मा रुमालइनु हो । यो धुबा हट्नु पर्छ । जान्ने बुझ्ने बाट यस्तो धुबा लगाउने काम को प्रसम्शा हुनु हुँदैन ।
फोटोमा अध बैसे राता पिरा चिल्ला गाला भयका जोगी देख्दा अल्छि को जमात लाग्यो बहा हरु । त्यती मात्रै होइन , मान्छे लाई भोक – तिर्खा र यौन चाहना ले बाचुन्जेल छोड्दैन । यि अधबैशे जोगी हरु आफ्नो यौन चाहना कसरी पुरा गर्छन् यस् उमेर मा जोगी भयर ! ( बुढाउली लाग्दा त स्बभाबिक पनि हो तर अधबैशे उमेर ! )
यस्ता अधबैशे जोगी प्रती स हानुभुती राख्नु हुँदैन ।
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कती सम्म अन्ध बिश्बास को यो पराकास्टा ?
यती भर्खर को उमेर का युबा-युबती पनि यस्तरी अन्ध बिश्बास मा लि न हुने !
सस्क्रिती लाई सम्मान गर्नु यकातर्फ को कुरा हो , तर यसरी प्बाल मा हात छिराउदैमा मन ले मागेको इछ्या पुरा हुन्छ भनेर अत्यन्तै अन्ध बिस्बासी हुनु अर्को तर्फ को कुरा हो अर्थात अझै पनि मध्य युग को धुबा मा रुमालइनु हो । यो धुबा हट्नु पर्छ । जान्ने बुझ्ने बाट यस्तो धुबा लगाउने काम को प्रसम्शा हुनु हुँदैन ।
फोटोमा अध बैसे राता पिरा चिल्ला गाला भयका जोगी देख्दा अल्छि को जमात लाग्यो बहा हरु । त्यती मात्रै होइन , मान्छे लाई भोक – तिर्खा र यौन चाहना ले बाचुन्जेल छोड्दैन । यि अधबैशे जोगी हरु आफ्नो यौन चाहना कसरी पुरा गर्छन् यस् उमेर मा जोगी भयर ! ( बुढाउली लाग्दा त स्बभाबिक पनि हो तर अधबैशे उमेर ! )
यस्ता अधबैशे जोगी प्रती स हानुभुती राख्नु हुँदैन ।
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Nourishing the reverie of an easy way…
यसरी दुलोमा हात छीराएर कामना पूरा हुने भए त सबै नेपलीहरू ले दुलो दुलोमा हात छीराएर स्थाई शान्तीको कामना गर्थे होला नी!
we nurture false beliefs and not work to achieve what we desire for…
better start working than to pray to get your work done!
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तमु जी,
नेपाल र नेपालीहरुको आस्थाको धरोहर नै धर्म, सन्स्क्रिती र परम्पराहरु हुन। हाम्रो पुस्ता भने आँखा चिम्लेर तिनिहरुलाई मास्न खोजिरहेको छ। यो पुस्ताले सम्रक्षण दिन सकेन भने हाम्रो धर्म र सन्स्क्रिती हमेशा को लागि लोप हुनेछ।
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अरु त त्यस्तै हो दुलोको आकारपनि पार्वतीकै जस्तो रैछ । त्यो दुलोमा धेरैले हात हाले जस्तो छ । त्यसै बियाउने भैसीको जस्तो भको होला ।
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किशनु को कथा, समयको बर्बाद तातो न छारो। ही हा
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अन्धविशवाश र अज्ञानता को परकाष्ठ यो भन्दा के होला। २१सौं शताब्दी का युवा हरु पानि यसरी गुमराह् छन् भने अरु बाट् के आस् राखने???
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NEPALI HARU SIBALINGA RA POAL LAI PUJA GARDAI CHHA AJHAI HAINA KEHO YO TA BUJNAI GAARO BHO TA
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NEPALI HARU SIBALINGA RA POAL LAI PUJA GARDAI CHHA AJHAI HAINA KEHO YO TA BUJNAI GAARO BHO TA
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प्वालमा हात नपसेको होइन देशले ठुलो घाटबेहोर्नु पर्यो।
सप्ता कोशीले लाखौँको संख्या लाई बगाएर घरबार बिहिन बनायो।
के यो सत्ते होत? प्वालमा हात नपसेर हो???
यो मेरो बिचार हो?
मान लामा
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प्वालमा हात नपसेको होइन देशले ठुलो घाटबेहोर्नु पर्यो।
सप्ता कोशीले लाखौँको संख्या लाई बगाएर घरबार बिहिन बनायो।
के यो सत्ते होत? प्वालमा हात नपसेर हो???
यो मेरो बिचार हो?
मान लामा
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Jhakash bro jasta kuputra lai kina janma diyeki NEPALMATA???????????????????
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umesh sir k ho purba tira ko khabar ko tah baal nai chaina kya ho sir lai
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owi mora pg ke chha
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Bho ma comment lekhdina tapai nai lekhnus tar tyo kishan
ji le lekheko katha chahi hindi movie bat nai ho
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Bvinas, Great Im with you.
मन परे हरियो, नपरे रातो
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कसैलाई फुर्सद छ भने वारीपट्टिको शिवलिङग लगेर त्यो दुलोमा राखिदिए सबैले एकै ठाउँमा पूजा गर्न मिल्थ्यो कि ?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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Question:पछाडी बाट हेर्दा चोर..
अगाडी बाट हेर्दा बँदर।।।।
को हो यो ????????
नेपाली ब्लग को Father..
Answer:उमेश श्रेष्ट ।
मन परे हरियो, नपरे रातो
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“कोनु हासो किमानन्दो
निच्चं पञ्जलितो सती
अन्धकारेण ओनद्धा
पदीपं नो गवेस्सथ”
-बुद्ध
अर्थ:के को हाँसो!के को आनन्द! सारा सन्सार जलिरहेछ!तिमीलाई हाँसो आउँछ? अन्धकारमा बसेकाछौ तर पनि बत्तिको खोजी गर्दैनौ?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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पवित्र तिर्थस्थल पशुपती क्षेत्रको यात्रा भन्दा तीन दलको पवित्र गठबन्दनमा के के हुँदै छ? त्यो समाचार राखेको भए राम्रो हुन्थ्यो होला । कुहिएको आलु र गनाउने घ्युको गठबन्दनबारे जान्न पाए राम्रो हुन्थ्यो ।
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पवित्र तिर्थस्थल पशुपती क्षेत्रको यात्रा भन्दा तीन दलको पवित्र गठबन्दनमा के के हुँदै छ? त्यो समाचार राखेको भए राम्रो हुन्थ्यो होला । कुहिएको आलु र गनाउने घ्युको गठबन्दनबारे जान्न पाए राम्रो हुन्थ्यो ।
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(साथीहरु यो पनि पढ्नुहोस् ल काम कुरो अकातिर कुम्लो बोकि ढिमीतिर चाहि नभन्नु ल। ) प्यारी दिदी
तिमी यहाँबाट गएकी पनि ३ बर्ष भयो। कस्ती भेयौ होला? म पनि ठुली भये अब त। घरधन्दा सबै म नै भ्याउँछु। बा आमालाई बेशीमा खेत किनेदेखी भ्याइ नभ्याइ छ। दिदी अब त हाम्रो घरमा पनि टीनको छानो छ। तिमो परिश्रमले हामीलाई अब दुई छाक चामलको भात खान दु:ख छैन। साँहिली र काँहिलीलाई पनि बाले स्कूल भर्ना गरिदीएका छन। हामी सार्है खुशी छौं दिदी। तिमी पनि त त्यता सर्हैं रमाएकी छौ जस्तो छ। त्यसैले त फर्किएर एक चोटि पनि आएकी छैनौ। तिमीलाई हाम्रो याद आउँदैन?
तिम्री साथी सिताको पनि बिहे भयो अस्ती। तिमी यहाँ भएकी भए बाले तिम्रो पनि बिहे गरिदिन्थे होला। कस्ती राम्री देखिन्थौ होला तिमी सिन्दूर, पोते लगाउँदा। घरमा मेरो बिहेको कुरो गर्छन् तर मलाई तिम्रो बिहे हेर्ने असाध्यै रहर छ। हामीले नदेख्ने गरी उतै बिहे नगर है।
अर्जुनले सधैं सोध्छ ” तिम्री दिदिले कही खबर गरिन” भनेर। तर सधैं “छैन” भन्नु पर्छ। निराश भये झैं लाग्छ उ। मैले भनेको लाग्ने भए तिम्रो बिहे अर्जुन सँग गरिदिन्थें। तिमीलाई अर्जुन मन पर्छ?
आमाले तिमीलाई सधैं सम्झिन्छीन। घरमा तिम्रो कुरा चल्यो भने बा केही बोलदैनन किन को कुन्नी। तिम्रो खसी पनि बाले पोहोरको दसैंमा खड्कादाइलाई बेचिदीए। मैले दिदी आएर रिसाउँछीन भनेर कत्ती अड्डी गरें तर बा मानेनन। मैले दुइवटा पाठाहरु पालेकी छु। तिमी आएपछी एउटा तिमीलाई दिन्छु भनेर।
घास दाउरा जाँदा, मेला पात जाँदा तिम्रो याद सार्है आउँछ दिदी। यसपाली दसैंमा त आउ है। अब त धादिङ बेशीबाट गाउँसम्म बस पनि चल्न थालेको छ। हिंड्नु पनि पर्दैन। आउ है दिदी।
(उही तिमीलाई सधैं सम्झीरहने बहिनी
यसोधा)
मैले त्यो चिट्ठी पटक पटक पढें। ठुली भएँ भन्छे यसोधी तर मैले चिट्ठी भरी उस्को अबोधपन भन्दा पर केही पाइन। उस्लाई संसार कती कुरुप छ भन्ने कुराको सुइँको समेत छैन। स-साना कुराहरुमा कत्ती खुसी छे उ। तर मैले भने बेशीको खेत, टीनको छानो अनी चामलको भातमा कुन खुशी लुकेको हुन्छ भन्ने पत्तै लगाउन सकिन। मान्छे मरेपछी अन्धो हुँदो रहेछ जस्तो लाग्यो।
तँलाई के थाहा म यहाँ कती रमाएकी छु भनेर। म यती रमाएकी छु कि म कोहो भन्ने नै बिर्सिसके। अँह मलाई तिमीहरुको याद आउँदैन। आफ्नै याद आउँदैन भने तिमीहरुको के आवोस?
बहिनी तँलाई के थाहा बाले यहाँ ल्याएर मेरो बिहे हजारौं मान्छेहरुसँग गरिदीएको कुरा। ती मान्छेहरुसँग सिन्दूर, पोते हुँदैन त्यसैले कागजका नोट थमाएर जान्छन। तँलाई के थाहा मेरो सिन्दूर, पोते किन्ने पैसाले टीनको छानो हालेको, बेशीको खेत किनेको कुरा। के थाहा तँलाई। मेरो बिहे हेर्ने हिम्मत नै गरिस भने पनि तँलाई भ्याइ नभ्याइ हुनेछ। उस्तै मौका परे म दिनमा ३,४ चोटि सम्म बिहे गर्छु।
आमाले सम्झीरहन्छीन रे मलाई। अहिले सम्झीनु नै थियो भने किन तिमीले मलाई बासँग पठायौ त आमा? म पिडाले छट्पट्टीदा कती चोटि “आमा आमा” भनेर कराएँ। खै त तिमीले एक चोटि पनि सुनिनौ।
बाले मेरो खसी बेचेर के भयो र यसोधी? त्यो खसी बेच्नु भन्दा अगाडि उन्ले मेरो नारित्व बेचिदीए का थिए। बहिनी के तैले २ वटा नारित्व पालेकी छस? म केहीगरी यो दसैंमा आइ हालें भनें के तँ मलाई एउटा नारित्व दिन सक्छेस?
(साभार: साझा डट कम)
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उमेश जी माई संसारमा मानवीय संबेदना मर्दै गएको हो की जस्तो लाग्छ किनकी कोशी ले बगाएर पचासौं हजार मानिस को बिचल्ली छ तर माई संसारमा तेस्को ख़बर देखिन पशुपति को यात्रा पुंग न पुच्छर को छ/ तेता पनि ध्यान दिए,राम्रो हुन्थ्यो की?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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उमेश जि आजकाल माइसन्सार लाई के भो? खोल्दा त पुरानै पोस्ट हरु आउछ अनी अली तल गएर होमपेज म क्लिक गरेपछी मात्र नयाँ पोस्ट आउछ कस्तो बोर हुन्छ यार के भो ?
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माओवादीहरु भगवानको नाम मा सपत न लि जनताको नाममा लिन्छन
तर जनताहरु दिनरात पशुपत्तिनाथको दर्शन गर्छन् , को ठुलो भन्ने?
फेरी सुटुक्क आफ्नो बाबुआमा लाई मनकामनाको दर्शन गर्न पनि लान्छन |
फेरी हे इश्वर भन्न के गाह्रो भयो?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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मानिस जन्मे पछी अवसस्य पनी एक पटक मर्नु पर्छ आज को पारीवेश मा धर्म मान्ने मान्छे कम नै पाईन्छ त्यसमा म पनि एक हुँ आजको बैज्ञानीक युगमा कसरी विश्वाश गर्ने भगवान माथि? विश्वा का बाट का पुगी सक्यो हामी चाँही धर्म मै… वाइयात.. नाटक…
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यो बिचराले कती शिव लिङमा मात्र ढोग्ने भनेर दुलो खोजेर ढोगेको होला ?ठिक छ,परिवर्तन सबैमा हुनुपर्छ . देशमा परिवर्तन को लहर छ
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झकाश -ब्रा लाई येती बेला कIत्तिकमा बहुलायाका चैते वाई-स्याल ले टोकर रेबीज लागेको छ हजूर …पहिला भुक्थ्यो मात्र अहिले त टोकिन्हाल्छ…साबधान यस्ता रेबीज देखि
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…hatle auta manle arko dulo taakeko hola..
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Duna Tapari bro, you r giving very goog answer to jhakas bro. jhakas bro is really a dog.
DSP SAB, EDINBURGH
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Duna Tapari,
gud irony to jhakas bro, he thinks n says that he is cleverer than the crow n dog.
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शासक र नेतालको शक्तिको लडाईं, तानातान र लुछालुछबाट रगताम्य नेपाल आमा, यिनै “पशुपतिनाथ”का कृपाले नै आजसम्म सास फेर्दैछिन् ।
हे पशुपतिनाथ, हे महादेव.. सबको कल्याण गर्नुहोस् !!!
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शही अन्दाज लगाउनु भयो झकास ब्रो ,बधाई छ तपाईंलाई ,तपाईंको नाक र मस्तिस्क कुकुर्को सरह तेज र झकास रहेछ
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Thanks a lot Umesh Jee.
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dulo thulo banauna bhanda luck ramro hunu parcha ani dulo khojera hat haldai hidnu pardaina na ta hami jasto bidesinu parcha. first to build nation then .frm Germany
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दिनेश जि,नेपाल नै बिश्वोसामु मजाकको एौटा राम्रो शिर्शक भाईसके पछी यो सानो कुरामा मजाक गर्नु नौलो कुरा होइन।
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dhat terika mero comment kin delete gareko hola
bho ma lekhdina tapai nai lekhnus
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Umesh ji dhayabad ,
pashupati nath ko darshan garai dinu bhayeko ma
aru le je sukai lekhun tar aphu ta bhagban parti
astha rakhne manchhe pariyo.
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संस्मरण लेख्दैछन् ज्ञानेन्द्र
काठमाडौं। विगत दुई महिनादेखि नागार्जुन दरबारमा एकांकी जीवन बिताउन थालेका पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह पारिवारिक तनावका बाबजुद आत्मसंस्मरण लेखनमा व्यस्त भएका छन्। बाल्यकाल, महेन्द्र प्रकृति संरक्षण कोषमा बस्दाको अनुभव, राजा हुँदा र बहिर्गमन हुँदाको पीडालाई पाँच भागमा विभाजन गरी पुस्तक प्रकाशन गर्ने सोचका साथ उनले आफ्नो लेखनकार्यलाई अघि बढाएको स्रोतले जनाएको छ। अंग्रेजी भाषामा प्रकाशित हुने आत्मसंस्मरण पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र आफैंले कम्प्युटर टाइप गरिरहेको बुझिएको छ। उक्त संस्मरणको प्रकाशन एउटा विदेशी संस्थाले गर्ने भएको छ।
आफूलाई देशभित्रै बस्न मन भए पनि छोरा–बुहारीले विदेशिने मनस्थिति बनाएका कारण उनी तनावमा परेको हुनसक्ने अनुमान गरिएको छ। नागार्जुन जंगलको बीचमा रहेको ‘दरबार’ मा जंगली किरा झ्याउँकिरीको झ्याइँझ्याइँ आवाजबाहेक केही नआउने भएकाले सो आवाजबाट उनी दिक्क भएका हुन्।
लेखनबाट फुर्सद भएकाबेला न्यास्रो मेटाउनका लागि राणाकालीन इतिहास र उपन्यास पढ्ने, आफ्ना संगीसाथीहरूलाई बोलाएर तास खेल्ने र टेलिभिजन हेरी दिन बिताइरहेका पूर्वराजा ज्ञानेन्द्रको पछिल्लो समयमा साथीहरू पनि घट्न थालेका छन्। हिजोसम्म विभिन्न साइनो लगाउँदै आउने टाढाटाढाका नातेदारहरू अहिले बोलाउँदासमेत नागर्जुन जान छाडेका छन्। नारायणहिटी तथा निर्मल निवासमा रहँदा प्रायःजसो पार्टी आयोजना गरी आफन्तलाई बोलाएर मोजमज्जामा आनन्द लिने पूर्वराजा ज्ञानेन्द्रले नागार्जुन सरेपछि यस्ता पार्टीहरूको खासै आयोजना गरेका छैनन्। आफ्ना नजिकका नातेदार र भैयादबाहेक अब अरुले टेरपुच्छर लगाउने छैनन् भन्ने राम्रोसँग बुझेका ज्ञानेन्द्रले छोरा–बुहारीसँगै विदेश पलायनको बाटो समात्ने विश्लेषण पनि गरिएको थियो। नजिकका नातेदार र दाजुभाइहरू नारायणहिटी दरबार हत्याकाण्डमा मारिएका कारण पूर्वराजा ज्ञानेन्द्रको आफ्नै रगतको साइनो भएकाहरू एक दर्जनको हाराहारीमा मात्रै छन्। नारायणहिटी हत्याकाण्डमा सबै आफन्त मारिए पनि तत्काल राजगद्दी प्राप्त भएका कारण त्यतिबेला उनलाई न्यास्रो नलाग्नु स्वाभाविकै थियो। सुखका दिनमा उनलाई साथ दिनेहरू धैरै थिए।
मनभरि पीडा र मस्तिष्कभरि तनाव भए पनि त्यसलाई लुकाउने भरमग्दुर प्रयास गर्न उनी चुकेका छैनन्। खानपिन र निजी खर्च व्यवस्थापनका लागि नारायणहिटीको टिम नै उनले नागार्जुन सारेका छन्। सुरक्षाकर्मीबाहेक सबै पुरानै टिम छन्।
तर कामदार तथा कर्मचरीप्रतिको व्यवहारमा भने उनले ज्यादै ठूलो परिवर्तन ल्याएका छन्। कामदार, कर्मचारी तथा सुरक्षाकर्मीहरू सामुन्नेमा उनलाई सरकार वा महाराज नै भनेर सम्बोधन गर्ने गर्छन्।
बाहिर भने उनी बूढा र बड्डाका रूपमा पुकारिन थालिएका छन्। खास गरेर साँझ–बिहान पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र दरबार परिसरमा घुम्न निस्कन्छन्। उनी घुम्न निस्कने बेला हुन लागेपछि सुरक्षाकर्मीहरूलाई तिनका हाकिमले बूढा आउँदैछन्, अदवका साथ बस्नु, सम्मान र अनुशासनमा कुनै कमी हुन नदिनु भनेर निर्देशन दिने गर्दछन्। ‘बूढा’ का अगाडि सुरक्षाकर्मीहरू पनि नतमस्तक हुने गर्दछन्। र, उनी सुरक्षाकर्मीबीच पनि महाराजका रूपमा भन्दा बूढाकै रूपमा चर्चित छन्। नागार्जुन सरेपछि मुसुक्क हाँस्दै उनी कुरा गर्छन्– बाबु हो। तिमीहरूलाई केही समस्या छ, घरतिर के कसो छ? छोराछोरी कहाँ पढ्छन्? वा आमा गाउँमै हुनुहुन्छ? पूर्वराजा ज्ञानेन्द्रमा देखिएको अस्वाभाविक परिवर्तनले उनीहरूलाई पनि आश्चर्यमा पारेको छ।
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माओवादीहरु भगवानको नाम मा सपत न लि जनताको नाममा लिन्छन
तर जनताहरु दिनरात पशुपत्तिनाथको दर्शन गर्छन् , को ठुलो भन्ने?
फेरी सुटुक्क आफ्नो बाबुआमा लाई मनकामनाको दर्शन गर्न पनि लान्छन |
फेरी हे इश्वर भन्न के गाह्रो भयो?
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माओवादीहरु भगवानको नाम मा सपत न लि जनताको नाममा लिन्छन
तर जनताहरु दिनरात पशुपत्तिनाथको दर्शन गर्छन् , को ठुलो भन्ने?
फेरी सुटुक्क आफ्नो बाबुआमा लाई मनकामनाको दर्शन गर्न पनि लान्छन |
फेरी हे इश्वर भन्न के गाह्रो भयो?
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माओवादीहरु भगवानको नाम मा सपत न लि जनताको नाममा लिन्छन
तर जनताहरु दिनरात पशुपत्तिनाथको दर्शन गर्छन् , को ठुलो भन्ने?
फेरी सुटुक्क आफ्नो बाबुआमा लाई मनकामनाको दर्शन गर्न पनि लान्छन |
फेरी हे इश्वर भन्न के गाह्रो भयो?
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माओवादीहरु भगवानको नाम मा सपत न लि जनताको नाममा लिन्छन
तर जनताहरु दिनरात पशुपत्तिनाथको दर्शन गर्छन् , को ठुलो भन्ने?
फेरी सुटुक्क आफ्नो बाबुआमा लाई मनकामनाको दर्शन गर्न पनि लान्छन |
फेरी हे इश्वर भन्न के गाह्रो भयो?
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kati siba linga ko matra puja garnu bhanera hola ni!!!!
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हात मात्र होइन मान्छे छिर्ने बनाउनुपर्छ |
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कृपया धर्म, आस्था र विश्वाश लाई मजाक नबनाउनु होला।
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त्यो दुलो अझ ठुलो बनाउ पर्यो । अनी म पनि ट्राइ गर्न जान्छु ।
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पशुपति नाथ पनी आजकल बिदा माँ छान |माओबादी को सरकार हुदैछ ,उनिहरु पशुपति नाथ ले हामी सबैको रक्ष्या गरुन भंदैनन ,न सपथ नै खान्छांन |
अब हात प्वाल माँ न छिरेपनी मन को कुरा पूरा हुन्छ |
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thankx for this
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Thank you soooooo much umes dai !!!
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यो चाँही ठीकै छ है। कमसेकम कसैलाई हानी नोक्सानी गर्ने कुनै फोटो रखिएको रहेनछ।
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उमेश जि फोटोमा भयपनी पशुपतिको दर्शन गराइदिनुभयो धन्यवाद तपाईंलाई /
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finally sth about pasupati
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श्री पशुपतिनाथले हामी सबैको कल्याण गरुन् ।
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तेइ त ! त्यो दुलो अली ठुलो भएको भए त्यो िमत्रको हात sure िछर्थ्यो ।
र उन्को कामना पिन पुरा हुन्थ्यो होला ।
मन परे हरियो, नपरे रातो
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tik vanu vhaya yar aaja thayo dulo thulo parayo vane ta ma pane yaha bhata nepal jane betaki tai janthay try garna ko lagi
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के को हतार गोर्खाली जि लाई कताइ कासि जान लाई त होइना ?
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टपरे बाउन लाई पशुपतिनाथ को फोटो देखाउदा कम्ता खुशी हुँदैनन त । हाम्रो दुना टपरी ब्रो पनि टपरे बाउन नै हो कि क्या हो ????
मन परे हरियो, नपरे रातो
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duna j
ham le pasupati ko darsan ka sath sath saibar ko pani darrsan garai dinu vayako ma umesush g lai ajha dhanyabad
ipkoirala
USA
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khoi bhane hame photo pane dekhenane ho ?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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ह्या कस्लाई टपरे भनेको? मति छैन कि क्या हो?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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You are right Mr. Jhakash. They feel happy to worship Pashupatinath and there’s nothing worng about it.
Now can you please tell me what makes you happy? Whatever it is, I will appreciate it.
मन परे हरियो, नपरे रातो
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मन्दिर बहुन को मात्र भएको भए त्यहाँ हजरौको भिड हुन्न थ्यो माइ संसार तिम्रो मात्र भएको भए एती राम्रो हुन्न थिओ । ॐ शान्ति । ।
मन परे हरियो, नपरे रातो
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Saathi,
Yasari kasailai hochyaayara lekhne nagarnus, yo Duna ra Tapari nabhayera jaat (thar) pani huna sakchha, ali sabhya hunu bhaya MYSANSAR herne majja pani aaunchha.
Dhanyabad.
मन परे हरियो, नपरे रातो
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o ho hey pashupathi nath yesta garu haruko buddi ma sudhi bhari diu bhagawan katti sano sochai hola ahile ko yug ma aayera pani bahun ra jat ko kura garchha yestaile khayea hamro desh hoin ta chai ke hos ra talaia bahun man parena ha ?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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mati bhrasta………… namai jhakas ani budddi kina yesto nahos………. aba nam nai Bomboy ko footpathe paresi
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ओई झकास अनी अल्प ज्ञानी भन्ने नाम नभ्एको मुर्दा हरु। आफ्नो नाम लेख्न डराउने? नाम नभएको त मुर्दा हरु हुन्छ। मुर्दा बाट होस् मा आएर बोल्न जान्नु पनि सिक। तिमीहरु जस्ता मसानघाट को मुर्दा बडी फतफताउने भएर देश जातिये दोन्द मा फस्दैछ। अझ एत्रो जातिये दोन्द मा फसाउन खोज्दैछस देशलाई? तिमीहरु जस्ता मसानघाट को कुकुर्हरुले नहुदो जातिये बिखन्डनको आगोमा घिउ थप्ने गरेर, हिजो तराइएमा तेती धेरै मावोबदि कारेकर्तालाई तराइबासिले मुढो गिडे झै गिडे। क् गर्न खोज्दै छौ तिमीहरु? नेपालमा जातिये दोन्द चर्काएर देश भरत लाई दिने भारतीये दलाल बन्न खोज्ने भातुवा हरु।
आफुलाई देश्भक्ती ठन्छौ भने, समाबेशएे बनेर आफ्नो असली नामले जतिएता बाट टाढा भएर लेख लेख्ने गर्ने। १८ सताब्दिका जङगली मुर्दा हरु।
मन परे हरियो, नपरे रातो
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thanks jhakash bro yasle duna tapari nam chai kina rakhnu pariyo ta ? moukama hannu vo ramro lagiyo malaita .pashupatiko pujata sabaile garchhan tara yo duna tapari vannele taparaa matrai dekhchha .jaya pashupati nath bhole baba and shankar bhola timilai belpati ra muri muri fulko malaa samarpan chha .
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yo ta non sense le maatrai lekhachhni ho yesto ta/
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ANI ANKHA CHAHI GIDDA JASTO TADHAI BAT HERNE
HAINA TA JHAKASH BRA JI
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yekdam sahi bhannu bhayo tapai le yo jahaks bhanne dhoti ho ki kya ho? yesto nirlajja manchhe kohi pani na ho una.
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तपाई सगुने मा कही गड़बड़ छ जस्तो छ किन की फोटो सग खूब डराउने गर्छ.पहिला हिट लिस्ट मा भयर हो की क्या हो? ….अहिले त चैते वो-स्याल बनिसक्नु भो नि हैन र सगुन…(मलाई मुख फर्काई हाल ल.)
iT iS caLLED (tiT4taT)
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हो त ब्रो! केटीहरुले चाँही शिवलिङ्गमा पूजा गर्छन् भने केटाहरुले पार्वती ** मा पूजा गर्नु परेन भन्या? कि कसो…………..
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आहा कती मिठो सभ्य भाषाको प्रयोग गरेको।।।बिचरालाई खरो भय जस्तो छ.
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SAGUN JI KATI GHATIYA LEKH LEKHNU HUNCHH
YOU ARE REAL PIG . BHAGBAN KO BAREMA JE PAYE LEKHNU
HUNCHH
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सगुन ब्रो,
तिमी त अती नै छाडा पो रहेछौ । यस्तो कुरा यो सार्वजनिक ठाउमा गर्ने हो? लाज लाग्दइन ?
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thik bhannu bhayo sanjay br0…….mysansar ma ktm bahira ko khabar haru kailey pani padhdnu paiyena!!
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hami haru ko ta kahile pani isha paura hudain ke pasupati jane ra .
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haha ho ta tehi linga ra dulo ma ta sansar adeko cha
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YO KATHA TA HNDI MOVIE LAGA CHUNARIYA MEI DAG KO HO
JE HOS HINDIMA HEREKO THIYE AJ NEPALI MA PADHE
DHERAI RAMRO KAM KURA EKA TIR KUMLO BOKI THIMI TIR
INTERSTING STORY ,
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Yo comment ta HIndi movie Laga Chunariya mei Dag ko
ho Hindi ma hereko thiye je hos nepali ma padhna paye
dhanyabad .
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ha.. ha ..ha.. good choreko katha
hindi movie ko , umesh ji delete gare garnus matlab
chhaina
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I like your story. I used to live Dhading could you tell me you village?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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म तपाईंको भनाइको समर्थन गर्छु।अरु धर्मलाई हेर्ने हो भने धर्मको बिरोध गर्नेलाई
फासिको सजाए हुनुपर्ने हो। तर नेपालमा भनेको लाटाको देशमा गाढा तन्देरी भनेको
यही हो। न त हामी भगवानप्रती आस्था राख्छौ, न त भक्ती नै गर्छौ। अन्तरराष्ट्रिय
स्तरलाई पनि थाहा छ कि हिन्दूरास्ट्र मुलुक हो नेपाल। हिन्दूधर्ममा गाइलाई हामी
आमा समान मन्छौ र गाइको पूजा गरिन्छ।तर बिडम्वना आज जताततै गाई काटी मासु
खाने गरेका छन। पहिलेको तुलनामा आज देशमा माओवादिको उत्पती सङ्गै यो
प्रथाको सुरुवात भएको छ.
देशको यस्तो परम्पराको अन्त्यगरी देशलाई
एक हिन्दूरास्ट्र घोसित गर्नु तपाईं हाम्रो दायित्व अनी कर्तव्य हो।
मेघराज
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sir tyahi ta hamro ramro pachhya hainara
hami bhagwanlai pani sathijastaianchhau
ani hamro yo din puja garnu parchha bhanne routine pani chhaina free chhau ani aru kasailai dekhauna dharmaviru pani bannu pardaina
aru k bhanau
take it easy
bhagawan le sabailai maaf garchhan re so yo kura le garda hami narka ta janupardaina sayad
tara tapailai aapati chha bhane sworg pani naaidiula
tyahi ho
jaya sambhu
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मित्र
भोली कसैले कथा मा तरुनी फकायको कुरा लेख्यो भने त्यो अरको फिल्म को कथा भन्न नवुल्ल्नु होला है ??
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sorry “your village”
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तमु जी,
नेपाल र नेपालीहरुको आस्थाको धरोहर नै धर्म, सन्स्क्रिती र परम्पराहरु हुन। हाम्रो पुस्ता भने आँखा चिम्लेर तिनिहरुलाई मास्न खोजिरहेको छ। यो पुस्ताले सम्रक्षण दिन सकेन भने हाम्रो धर्म र सन्स्क्रिती हमेशा को लागि लोप हुनेछ।
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ho ho mehgraj ji tapaile thik bhannu bhayo>>
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तपाईंको अनुहार राम्रो भय , तपाईंको फोटो – नाम र ब्लग बनाएर लेख्ने हिक्मत गर्ने होइन त ? ” माइ संसार ” ले जत्तिकै बिदेश मा छरियर रहनु भयका नेपाली हरु लाई देश को समाचार साथइ यथार्तपरक खबर हरु दियर गुन लगाउने हिक्मत गर्ने होइन त ?
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सर्बप्रथम त तपाईं जस्तो सभ्यताहिन ब्यक्तिको कमेन्ट पढेर म आँफैलाई लाज लागेर आयो। अनी अर्को अनौठो कुरा, त्यो अगाडि बाट हेर्दा बाँदर र पछाडि बाट हेर्दा चोर जस्तो देखिने उमेश को mysansar.com खोलेर हेर्न पनि लाज लाग्नु पर्ने होइन र तपाइलाई? एक अर्का प्रती आदर र सत्कार गर्नु पर्छ भन्ने कुरा प्राणी बाहेक अरु सबै सभ्य मनिसलाई थाहा हुनु पर्ने कुर हो क्यारे चाहे त्यो आफ्नो सत्रु नै किन नहोस्। तपाईंलाई सद् बुद्दी प्राप्त होस्।
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तपाईंको अनुहार राम्रो भय , तपाईंको फोटो – नाम र ब्लग बनाएर लेख्ने हिक्मत गर्ने होइन त ? ” माइ संसार ” ले जत्तिकै बिदेश मा छरियर रहनु भयका नेपाली हरु लाई देश को समाचार साथइ यथार्तपरक खबर हरु दियर गुन लगाउने हिक्मत गर्ने होइन त ?
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याम जि, हुन त म पटकै अन्धबिश्वासलाई मन नपराउने मान्छे हो । न त म कुनै god मा नै विश्वाश गर्छु। तर आज सम्मको हाम्रो मानबिय सभ्यतामा धर्मले खेलेको अहम भूमिकालाई पनि म नकार्न सक्दिन। मलाई लाग्छ तपाईं पनि आज UK मा नभएर नेपालको कुनै गाउमा हुनुहुन्थ्यो भने तपाईंले पनि त्यसरी नै पुजा गरिरहेको हुनुहुन्थ्यो होला। तपाईंको UK मा प्राप्त गरेको ज्ञानको दृष्टिकोण र नेपालमा बस्ने सामान्य नागरिक को दृष्टिकोण एउटै हुन्छ भन्ने जरुरी छैन। “While you are in roman do as romans do।” भन्ने उक्ती त सुन्नु भएकै होला।
Though you can not differentiate between a Nepalese citizen living in a superstitious society and a person(yourself) living in amodern europian society, how can i say that you are an intelligent and intelectual person? so you would better to compare a person with the same level of knowledge and access to possibilities. Do u agree?
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hahaha
khub ekkaisau satabdi ko manchhe re
tyo pwal ma haat nachhiraye anistha hunchha bhanera kunai grantha ma lekheko chhaina
its just for fun may be introduced by a chap some year back
jahasamma superstition and illitracy ko kura chha its not all about religion there is some sithing spiritual aswell
when u go back to nepal and spend some minute you will feel refreshed may be you will forget your sorrow etc
thats all
every one knows there is no god behind our act but still
i love to go to pashupatinath
specially at evining aarati time
its life time experience for me every day
ani nir shah pani hunchhan
hahahaha
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हे नास्तिक देव पश्चिमा हरुका पुच्छर हरु शायद भनी रहनु र देखाउनु पर्दैन होला तिम्रा गुरुहरुले जेसस क्रिस्त लाई पूजा गरेको र धर्मको प्रचार्को निहुमा अरबौ डलर गरीबी देश को जनता को हातमा दिएर धर्म परिवर्तन गर्न दबाब दिएको कि कसो ?त्यसैले तिमीहरु जे बन तर अरुलाई होच्याउने र नराम्रो भन्ने नगरनु भै ज्ञान गुन्का कुरा एस ब्लग मार्फत रखिदिनु भये शायद सुन मा सुगन्ध हुने थियो होला धन्यवाद (आस्थावान नेपाली )
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सक्कली माओलाई दुई कुराको डर थियो:
(१) भगवान
(२) पत्रकार
नेपालका माओबादी उर्फ खाओबादीलाई केहिको पनि डर छैन| मज्जाले जनता लुट्न पाएका छन्|
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hahaha
naya ghagwanko ko utpatti hunthyo ani deuta ko sankhya 33koti 1 hunthyo
kaso
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पारु बैनि , जगतलाई राम्रो अवलोकन गर्दिरहिछौ तर ब्याख्या गलत ढँगले भयो नि त ।
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NAM CHAHI PARU LEKH CHAHI BHARU CHH NI ! HAIN YO
PAARU DAJU HO KI BHAUJU BUJHNAI GAHRO
PARU KHUSKET BAHULAIS KI KYA HO JE PAYE TEHI LEKHNE
ALIKATI TA SHARAM GARNU PARCHH
मन परे हरियो, नपरे रातो
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ए भतुवा आईमाईले चाँही बर्सौ देखी अर्काको पोइको यौन अङ्गको पूजा गर्दा हाम्रो धर्मको रक्षा भयो मैले तेती भन्दा चाँही अनेक थरी भन्छौ?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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ए भतुवा आईमाईले चाँही बर्सौ देखी अर्काको पोइको यौन अङ्गको पूजा गर्दा हाम्रो धर्मको रक्षा भयो मैले तेती भन्दा चाँही अनेक थरी भन्छौ?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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PAAGAL SANGA KE MUKH LAAGNU.
मन परे हरियो, नपरे रातो
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impressed
मन परे हरियो, नपरे रातो
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Good comment Ramro lekheko rahechh je hos bibhinna
desh ko hindu haru ko barema janiyo.
मन परे हरियो, नपरे रातो
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copied and pasted from which website? please attach link i want to read other similar articles.
मन परे हरियो, नपरे रातो
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यो पारु बैनी हो कि भाई हो कुन्नी ? तर एस्लाई गोले दाई ले मुख फर्काएको चाइ सुहाएन ! तोलाको बचन् किन खोलमा गोले दाई?
मन परे हरियो, नपरे रातो
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yes thats good
मन परे हरियो, नपरे रातो
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AB LEKHNE JIMMA TAPAI LAI RARA JI
मन परे हरियो, नपरे रातो
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यो राष्ट्रप्रेमी भन्ने को हो अर्काको समाचार फेटोकपि गर्दै हाल्छ। हाम्लाई पनि थाछ त्यो साइट तिमीजस्तो नेपालीमा लेख्न नजानेर हो र
मन परे हरियो, नपरे रातो
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bro i m support ur voice ,why they are afraid to show real name ………………?????
मन परे हरियो, नपरे रातो
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दिन दिनै सबै मुस्कील ले नेपाली छ परेसान
नेपाली हरु को आज हराउन थाले को छ पहिचान
जागीर वीहीन अन्योल मा आज छ नवजवान
कसरी म भनु मेरो जननी जन्मभुमी छ माहान?
आज मायो को बन्दुक ले झुके को छ ईनसान
यो अपदा को धेरै अंन्चल पाये को छ वरदान
जताततै “नेपाली आमा’ कै लुटन खोजीये को छ ज्यान
कसरी म भनु मेरो—————————————-?
प्राणी बीना को सबै निकुंज आज छ वीरान
गांउ हरु का सबै चॊतारी आज छ सुनसान
रिन मा डुबी गांउ गांउ मा बांचे को छ कीसान
कसरी म भनु——————————————–?
दरबार भित्र कुन्नी कुन लुके को छ शैतान
संसद मा पनी राज अब त गर्दै छ हैवान
मजबुरी होईन ईच्छा ले नै बेच्दै छ इमान
कसरी म भनु———————————————?
पैसा वाला को दरबार झन झन छ आलिशान
बिदेसी पैसा को येत्रो ढुल-ढुलो छ अनुदान
’तर’ गरीब को लागी नेपाल मा ना कुनै छ कल्यान
कसरी म भनु——————————————–?
न मन्दीर मा पहीला जस्तै कुनै छ भगवान
पशुपती ले पनी सुन्दैनन,या त्यो नै छ अन्जान
’के’ तैंतीस कोटी देवता ले पनी थुने को छ कान
कसरी म भनु—————————————–
बुद्धीजीवी लाई आफ्नो मात्रै आफ्नो नै छ ध्यान
शिक्षक ले आज भन्दैन शीक्षा को छ दान
गांउ मा जुन पड्न सकेन,त्यो,(मायो)सेना को छ जवान
कसरी म भनु —————————————-?
नेता को शब्दकोश मा हराये को छ “बलीदान”
कछुवा को चाला मा यहां हीड्दै छ विधान
१४००० को पाप बोकेर आज छाडा छ हैवान
कसरी म भनु—————————————–?
प्रचन्ड,माधव या गीरजा सबै को सोच छ समान
पावर, कुर्सी को लागी नै सबै छ चिन्तावन
छैन कोई त्यागी नेता जनता छ हैरान
कसरी म भनु—————————————–?
गरीब को आज कोई पनी छैन तर ढुलो छ जहान
हरायो आज कुन्नी कता नेपाली को छ मुश्कान
व्यर्थ गयो शहीद हरु को लाग्दै छ, बलीदान
कसरी म भनु————————————-?
जाउ म भन्दीन अब जननी जन्म्भुमी छ माहान
भन्दीन भन्दीन अब जननी जन्मभुमी ????????????????????????????/////
मन परे हरियो, नपरे रातो
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YOU ARE RIHGT . I AN AGREE WITH YOU DERA LUNA.
मन परे हरियो, नपरे रातो
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दुलोमा नमस्कार गर्नेको पछाडिबाट हेर्दा त उमेश जस्तो छ । भैगो जो भएपनि आखिर दुलोलाई नमस्कार गर्छन् । उमेश मात्र किन । उमेशलाई नउँडाउँ । बिचारा । पारु त तिम्रो भाइ नि गोले दाइ । बरु गोले दाइले कतिवटा दुलोलाई नमस्कार गर्नुभो ? अनि झकास ब्रो ले नि ? कसले भन्न सक्ला ज्ञानेन्द्रले कतिवटा दुलोलाई नमस्कार गरे भनेर ? लौ यो पत्ता लाउनुहोस । तँपाइलाई पनि चाँदिको स्वर्ण पदक दिउँला ।
मन परे हरियो, नपरे रातो
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त्यही त भन्या हर्के र गोले जी ,,, पारु डार्लिंगको पनि दुलो ठुलो बनाउने रहर होला नि , ,, उफ़ ज़माना कहा देखि कहा पुग्यो जस्तो लाग्यो बा, पारुले डारु हानेको शब्द पढेर ||||||||||||||||||||||||||||
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